वैसे तो सफेद बालों को अनुभवी होने की निशानी माना जाता है। इसीलिए बड़े- बुढ़े लोग यह कहावत बोलते हैं कि हमने ये बाल धुप में सफेद नहीं किए हैं। ये तो हम सभी जानते हैं कि बाल धुप से सफेद नहीं होते हैं इसके पीछे कोई ना कोई वैज्ञानिक कारण होता है। लेकिन इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण क्या है?आखिर क्या कारण है कि उम्र बढऩे के साथ ही या कभी-कभी कम उम्र में भी काले खूबसूरत बाल सफेद रंग के हो जाते हैं?
दरअसल हमारे बालों का काला, भूरा या लाल रंग शरीर में उपस्थित मैलेनिन नामक वर्णक के कारण होता है।
लेकिन बालों की सफेदी का कारण अधिकांशत: अनुवांशिक होता है। इसके अलावा एनिमिया, एड्स या थाइराइड के कारण भी बाल जल्दी सफेद हो जाते हैं। कई बार संतुलित भोजन ना मिलने पर या दवाइयों के रिएक्शन्स से भी बाल सफेद हो जाते हैं। परन्तु फिर भी बाल सफेद होने का सबसे मुख्य कारण शरीर में उपस्थित उस सफेद जीन पर निर्भर करता है। अगर ये जीन अधिक प्रभावी होता है तो बाल जल्दी सफेद हो जाते हैं। इसके अलावा खाने में प्रोटिन व आयरन की कमी के कारण भी बाल सफेद होते हैं। भय, प्रदुषण, सोच व तनाव भी इसका एक कारण है।
दरअसल हमारे बालों का काला, भूरा या लाल रंग शरीर में उपस्थित मैलेनिन नामक वर्णक के कारण होता है।
लेकिन बालों की सफेदी का कारण अधिकांशत: अनुवांशिक होता है। इसके अलावा एनिमिया, एड्स या थाइराइड के कारण भी बाल जल्दी सफेद हो जाते हैं। कई बार संतुलित भोजन ना मिलने पर या दवाइयों के रिएक्शन्स से भी बाल सफेद हो जाते हैं। परन्तु फिर भी बाल सफेद होने का सबसे मुख्य कारण शरीर में उपस्थित उस सफेद जीन पर निर्भर करता है। अगर ये जीन अधिक प्रभावी होता है तो बाल जल्दी सफेद हो जाते हैं। इसके अलावा खाने में प्रोटिन व आयरन की कमी के कारण भी बाल सफेद होते हैं। भय, प्रदुषण, सोच व तनाव भी इसका एक कारण है।
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